पर्यावरण-संरक्षण के उपाय

पर्यावरण-संरक्षण के कुछ उपाय :

घर-परिवार ही सही अर्थों में शिक्षण की प्रथम पाठशाला है और यह बात पर्यावरण शिक्षण पर भी लागू होती है। परिवार के बड़े सदस्य अनेक दृष्टान्तों के माध्यम से ये सीख बच्चों को दे सकते हैं, जैसे कि-

  1. यूज एंड थ्रो’ की दुनिया को छोड़ ‘पुनः सहेजने’ वाली सभ्यता को अपनाया जाये।
  2. अपने भवन में चाहे व्यक्तिगत हो या सरकारी कार्यालय हो, वर्षा जल-संचयन प्रणाली प्रयोग में लाएँ।
  3. जैविक-खाद्य अपनाएँ।
  4. पेड़-पौधे लगाएँ- अपने घर, फ्लैट या सोसाइटी में हर साल एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसकी देखभाल करके उसे एक पूर्ण वृक्ष बनाएँ ताकि वह विषैली गैसों को सोखने में मदद कर सके।
  5. अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखें। सड़क पर कूड़ा मत फेंके।
  6. नदी, तालाब जैसे जलस्रोतों के पास कूड़ा मत डालें। यह कूड़ा नदी में जाकर पानी को गन्दा करता है।
  7. कपड़े के थैले इस्तेमाल करें, पॉलिथिन व प्लास्टिक को ‘ना’ कहें।
  8. छात्र उत्तरपुस्तिका, रजिस्टर या कॉपी के खाली पन्नों को व्यर्थ न फेंके बल्कि उन्हें कच्चे कार्य में उपयोग करें। पेपर दोनों तरफ इस्तेमाल करें।
  9. जितना खाएँ, उतना ही लें।
  10. दिन में सूरज की रोशनी से काम चलाएँ।
  11. काम नहीं लिये जाने की स्थिति में बिजली से चलने वाले उपकरणों के स्विच बन्द रखें, सी.एफ.एल. का उपयोग कर ऊर्जा बचाएँ।
  12. वायुमण्डल में कार्बन की मात्रा कम करने के लिये सौर-ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करें, सोलर-कुकर का इस्तेमाल बढ़ाएँ तथा स्वच्छ ईंधन का प्रयोग करें।
  13. पानी का प्रयोग करने के बाद नल को तुरन्त बन्द कर दें। ब्रश एवं शेव करते समय नल खुला न छोड़ें, कपड़े धोने के बाद साबुन वाले पानी से फर्श की सफाई करें।
  14. फोन, मोबाइल, लैपटॉप आदि का इस्तेमाल ‘पॉवर सेविंग मोड’ पर करें।
  15. जितना हो सके ठंडे पानी से कपड़े धोएँ, ‘ड्रायर का प्रयोग न करें।’
  16. जितना हो सके पैदल चलें- कम दूरी तय करने के लिये पैदल चलें या साइकिल का प्रयोग करें। कार पूल करें या सार्वजनिक वाहन प्रणाली का प्रयोग करें।
  17. पैकिंग वाली चीजों को कम-से-कम काम में लें- औद्योगिक कचरे में एक तिहाई अंश इन्हीं का होता है।
  18. घर में चीजों का भण्डारण दुरुस्त तरीके से हो ताकि उन्हें व्यर्थ होने से बचाया जा सके।
  19. डिस्पोजेबल वस्तुओं जैसे प्लास्टिक के गिलास, पानी की छोटी-छोटी बोतल और प्लेट के प्रयोग से परहेज करें।
  20. विशिष्ट अवसरों पर एक पौधा अनिवार्यतः उपहार स्वरूप दें।
  21. कूड़ा करकट, सूखे पत्ते, फसलों के अवशेष और अपशिष्ट न जलाएँ। इससे पृथ्वी के अन्दर रहने वाले जीव मर जाते हैं और वायु प्रदूषण स्तर में वृद्धि होती है।
  22. तीन आर- रिसाइकिल, रिड्यूस और रियूज का हमेशा ध्यान रखें।