दायित्व एवं कर्तव्य

प्रमुख दायित्व एवं कर्तव्य :

  1. राज्य में नदियों और कुओं के जल की गुणवत्ता बनाये रखना तथा नियंत्रित क्षेत्रों में वायु प्रदूषण रोकने, नियंत्रित करने, उसे कम करने के लिए व्यापक कार्यक्रम की योजना बनाना तथा उसका निष्पादन सुनिश्चित करना है।
  2. प्रदूषण निवारण, नियंत्रण या उसे कम करने के लिए सम्बद्ध विषयों पर जानकारी एकत्र करना, उसका प्रसार करना, राज्य सरकार को सलाह देना, उससे संबंधित अन्वेषण और अनुसंधान को बढावा देना, उसका संचालन करना, उसमें भाग लेना।
  3. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण सम्बन्धी कार्य में लगे या लगाये जाने वाले व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ सार्वजनिक शिक्षा के कार्यक्रम बनाना।
  4. मल तथा व्यवसायिक बहि:स्राव व उत्सर्जन के शुद्धिकरण संयंत्रों की जॉच तथा निरीक्षण करना तथा स्थानीय निकायों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों को वर्तमान या नये उत्प्रवाहों व उत्सर्जनों के निस्तारण हेतु सहमति देना।
  5. बहि:स्राव व उत्सर्जन के मानक अधिकथित करना और राज्य में जल एवं वायु प्रदूषण का अनुश्रवण करना।
  6. मल तथा व्यवसायिक उत्प्रवाहों के शुद्धिकरण हेतु ऐसी प्रक्रियाओं का विकास करना जो टिकाऊ व सस्ता होने के साथ ही साथ कृषि तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल हो।
  7. उद्योगों तथा स्थानीय निकायों से जल उपकर एकत्र करना तथा उसे केन्द्रीय सरकार को भेजना।
  8. ऐसे अन्य कृत्यों का पालन करना जो केन्द्रीय बोर्ड या राज्य सरकार द्वारा विहित किये जाये या उसे समय-समय पर सौंपे जाये।
  9. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत समय-समय पर जारी नियमों के अर्न्तगत सौंपे गये कार्यों का निष्पादन।