पर्यावरण संरक्षण के नियम

प्लास्टिक सामग्री/पालीथीन बैगों का विनिर्माण व पुन: चक्र :

भारत सरकार द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत पुन: चक्रित प्लास्टिक कैरी बैगों एवं पात्रों के विर्निमाण और उपयोग के लिए नियम अधिसूचति किये गये है। जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्लास्टिक सामग्री/पॉलीथीन बैग के विर्निमाण एवं पुन: चक्रण के संबंध में विहित प्राधिकारी बनाया गया है। जिसके अनुसार कोई विक्रेता पुन: चक्रित प्लास्टिक से बने कैरी बैगों या पात्रों का खाद्य पदार्थो के भण्डारण, लाने, ले जाने, प्रदाय करने या पैकेजिंग के लिए उपयोग नहीं करेगा। साथ ही उक्त उपबन्धों के अधीन रहते हुए कोई व्यक्ति उक्त अधिनियम में उल्लिखित शर्तो को पूरा करता है तो प्लास्टिक से बने कैरी बैगों और पात्रों का विनिर्माण कर सकेगा।

उपरोक्त अधिनियम का अनुपालन न करना पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। इस सम्बन्ध में बोर्ड द्वारा उचित निर्देश भी दिये जा सकते है जिनमें उत्पादन को बन्द किये जाने तथा इकाई की बिजली एवं पानी विच्छेदन के निर्देश भी सम्मिलित है।

प्रदेश में बढती हुई पॉलीथीन समस्या की दृष्टिगत हुए प्रथम चरण में लखनऊ में पालीथीन जनजागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें जनता को पालीथीन के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गयी तथा जनता से पालीथीन के स्थान पर कागज व कपड़े के थैले के प्रयोग करने हेतु अनुरोध किया गया।